Saturday, 25 June 2011

आधा और पाव शेर ...

चल पडी है बहस  सिंह और शेर कौन हुआ.
लायन होता है जंगल का राजा.
फिर शेर किसे कहा जायगा.
कही सवा शेर भी ढूंडा जायगा.
पहले पाव शेर भी था चलन में.
आधुनिक होते मनुष्य ने.
पाव और आधा शेर भुला दिए.  

-राजेश रावत
भोपाल (म.प्र )

Sunday, 19 June 2011

पेड़ खजूर
लंबा ही नहीं
छोटा भी होता भी होता है पेड़ खजूर
छाया न दें, पर
फल देता है पेड़ खजूर
कड़वे ,खट्टे छोड़ दें
मीठे -मीठे फल देता है पेड़ खजूर
रंग बदलती दुनिया में
हरे, पीले, क ई रंग बदलता है पेड़ खजूर
मतलब की   दुनिया में
बेमतलब खड़ा रहता है पेड़ खजूर
तीखी धूप में
भूख मिटाता पेड़ खजूर
जंगल में मंगल का  उत्सव
मनाने का  अवसर देता पेड़ खजूर
चुभते का टों के  बीच
सख्त दरख्तों के  संग मौज मनाता पेड़ खजूर
भटकते राही के  मन में
आस जगाता पेड़ खजूर
-राजेश रावत
भोपाल मध्यप्रदेश
11 जून 2011 शनिवार

Thursday, 2 June 2011

गंध

गंध
पसीने की बूंदों में
मजदूरों की  मंसूबों में
किसानों के हल से
कारखाने की  दीवारों से
आती है गंध
-राजेश रावत 'अक्षय '
भोपाल मध्यप्रदेश
09074690400

Tuesday, 31 May 2011

चाहिए

हो गई दर्द की इंतहा, मोहब्बत का मरहम चाहिए

दिखे न दिखे महबूब, खुदा का चेहरा दिखना चाहिए


-राजेश रावत,  अक्षय

उज्जैन